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गरीब

गरीब

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मेरे एक परिचित ने 

एक रोते बिसूरते बदहाल बच्चे की 

तस्वीर बनाई , 

जो कई लाख में बिकी 

और शायद किसी करोड़पति 

के ड्राइंगरूम में लगी होगी 

वो पेंटिंग पोडियम लाइट पर, 

मेरे पूछने पर कि,  

उस बच्चे को ,  

उस तस्वीर के बदले 

आपने क्या दिया ?

 

तो जवाब आया 

अजी छोड़िये ,

मेरे हज़ार पाँच सौ से 

उसकी ज़िंदगी तो नहीं बदल जाऐगी, 

ऐसे लोग जैसे पैदा होते है 

वैसे ही जीते हैं और मर जाते हैं,  

पर हाँ , इसकी बदहाली, भूख, बेबसी, से 

मेरी कलात्मकता की दुकान को, 

ख़ूब  शोहरत और बड़े  खरीदार 

ज़रूर मिल जाऐंगे 

जिससे ज़िन्दगी अच्छे से चल जाऐगी, 

 

अचानक लगा वो बदहाल बच्चा 

बेहद अमीर है "नाज़"

जो रोटी और कामगार देता है 

ऐसे गरीब कलाकारों को !!!!

 

 

 


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