चलो आसमान की सैर करते है।
चलो आसमान की सैर करते है।
1 min
607
चलो आसमान की सैर करते है
ठंडी बयारों से बातें करते हुए
बादलों पर सवारी करते हुए
पंछियों को पुचकारते हुए
चाँद को देखकर मुस्कुराते हुए
तारों से गुफ्तगूं करते है
चलो आसमान की सैर करते है।
इमारतों को नीचे छोड़ते हुए
परियों की दुनिया में कदम रखते है
आँधियों की रुत को पहचानते है
बादलों की गर्जना पास से सुनकर आते है
एक अनूठी दुनिया का अनुभव कर आते है
चलो आसमान की सैर कर आते है
दिल में अपनो की याद लिए
चांदनी का वह मृदुल स्पर्श लिए
रुई के बिस्तर पर कई स्वप्न बुनते है
अपनों को छोड़ इश्वर से मिलते है
चलो आसमान की सैर करते है।
