चलो आसमान की सैर करते है।
चलो आसमान की सैर करते है।
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चलो आसमान की सैर करते है
ठंडी बयारों से बातें करते हुए
बादलों पर सवारी करते हुए
पंछियों को पुचकारते हुए
चाँद को देखकर मुस्कुराते हुए
तारों से गुफ्तगूं करते है
चलो आसमान की सैर करते है।
इमारतों को नीचे छोड़ते हुए
परियों की दुनिया में कदम रखते है
आँधियों की रुत को पहचानते है
बादलों की गर्जना पास से सुनकर आते है
एक अनूठी दुनिया का अनुभव कर आते है
चलो आसमान की सैर कर आते है
दिल में अपनो की याद लिए
चांदनी का वह मृदुल स्पर्श लिए
रुई के बिस्तर पर कई स्वप्न बुनते है
अपनों को छोड़ इश्वर से मिलते है
चलो आसमान की सैर करते है।
