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Nishant yadav Badayuni

Others

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Nishant yadav Badayuni

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चाह

चाह

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मैं क्या चाहता हूँ,

मैं क्या चाहता हूँ,

सुहाने सफ़र की हवा चाहता हूँ …।

अमन हो वतन में,

सुहाना सबेरा,

ज़िन्दगी हो ना मौंतों,

का कोई बसेरा,

सजी कोई दुल्हन लगे मेरा भारत,

नज़र में अदब हो दिलों में उजेरा,

वफ़ा की वफ़ा से वफ़ा चाहता हूँ..।

मैं क्या चाहता हूँ,

मैं क्या चाहता हूँ ...!


 



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