बसन्त
बसन्त
1 min
409
ऋतुराज बसन्त के आगमन में खिल उठा संसार
धरा ने सरसों के सुगन्धित पीले पुष्पों से किया श्रृंगार
मन्द मन्द बयार के झोंकों ने किया प्रेम का प्रसार
कोयल ने कूहूक कूहूक कर खुशी का किया इज़हार
विद्या की देवी सरस्वती के स्वागत में सज़ा घर द्वार
आम्र बौरों, लहलहाती फसलों,कमल पुष्पों ने किया सत्कार
ऋतुओं की ऋतु, ऋतुराज बसंत का ह्रदय से आभार।
