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भावनाएँ

भावनाएँ

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आज अपनी ही पुरानी डायरी देख 

याद आईं कुछ यादें

दिल ने गुज़ारिश की

फिर से भावनाओं को शब्दों में कैद करने की

बड़ी जद्दोजहद के बाद 

कागज़ पर उभर कर आए

 कुछ शब्द

(केवल शब्द न की भावनाएँ)

जब मैं अपनी ही भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाई

तब दिल ने एक सवाल किया-

और मैं उसी सवाल पर उलझी तथा अटकी रह गई -

कहीं मैं भावनाओं से रहित तो नहीं  हो गई?


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