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Ayesha Ruman

Others


5.0  

Ayesha Ruman

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बचपन

बचपन

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सुनहरे थे वो दिन

याद करूँ तो लाये

हँसी मेरे चेहरे पे।

पापा की थी मैं लाडली

माँ की थी मैं जान।


मेरी अपनी ही थी आन बान शान

खेलती थी मैं गुड़िया के साथ

गुड़िया मेरी दुनिया थी

वह रंग बिरंगे यादें वो

लाये हँसी मेरे चेहरे पे।

आज याद करूँ तो भुलाये

नहीं जाते वो दिन

क्योंकि सुनहरे थे वो दिन।



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