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Heena Pandya (ખુશી)

Others

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Heena Pandya (ખુશી)

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अंतिम सफ़र पे चल दिए।

अंतिम सफ़र पे चल दिए।

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क्या कसूर था इन बच्चो का

की आग ने मिटा दिया।

क्यों पल भर के समय में

उनको खाक में मिला दिया।


अंतिम सफ़र पे चल दिए।


नाजुक सी कलियां

फूल बन कर महक ने वाली थी।

शाम होते उस डाल डाल

चिड़िया चहक ने वाली थी।


अंतिम सफ़र पे चल दिए।


जाते जाते कह के गया था

माँ मैं जल्द ही आ जाऊंगा ।

आज अच्छा कुछ पका कर रखना

आ कर मैं खाऊंगा ।


अंतिम सफ़र पे चल दिए।


आग की ये खबर सुन कर

उस माँ पर क्या बीती होगी।

लाडले को कंधा दे कर

उस बाप पर क्या बीती होगी।


अंतिम सफ़र पे चल दिए।


क्यों न जा सका मेरे प्रभु

तू उस जगह चीखे सुन कर।

क्यों उस आग में तेरे बीस बच्चे

राख हो गए भून कर।


अंतिम सफ़र पे चल दिए।


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