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Gurudeen Verma

Children Stories

4  

Gurudeen Verma

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ऐसे हंसते रहो(बाल दिवस)

ऐसे हंसते रहो(बाल दिवस)

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ऐसे हंसते रहो , यूँ हंसाते रहो ।

गुनगुनाते रहो , गीत गाते रहो ।।

अच्छा लगता है, दिल भी लगता है ।

तुम जो हंसते हो , गम भी मिटता है ।।

ऐसे हंसते रहो -----------------------------।


यह गुलशन हंसा है , तुम्हे देखकर ।

आसमां भी झुका है , तुम्हे देखकर ।।

ये चली है बहारें , तुम्हे देखकर ।

यह हुआ है सवेरा , तुम्हे देखकर ।।

ऐसे खिलते रहो ,यूँ मचलते रहो ।

अच्छा लगता है , दिल भी लगता है ।।

तुम जो हंसते हो , गम भी मिटता है ।

ऐसे हंसते रहो ----------------------------।।


आने वाले कल की, तुम तस्वीर हो ।

इस वतन की नयी तुम, तकदीर हो ।।

मोड़ दे जो राह , बहते नीर की ।

चीर दे जो पहाड़ , तुम वो वीर हो ।।

मुस्कराते हुए ऐसे बढ़ते रहो ।

अच्छा लगता है , दिल भी लगता है ।।

तुम जो हंसते हो , गम भी मिटता है ।

ऐसे हंसते रहो --------------------------।।



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