अध्यापिका
अध्यापिका
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बिन कहे ही पढ़ लेती हूं उसका मन
चेहरे से भांप लेती हूं उसकी उलझन
उसकी बातों में मेरे लिए कटाक्ष हो कभी
गुस्सा हो जाती हूं, पर कुछ कहूं उससे पहले ही
मन कहता है बच्चा ही तो है छोड़ो भी अभी
उसकी हार से मन डरता है
उसकी कामयाबी के लिए हर समय प्रार्थना करता है
उसकी जीत में मैं जी भर के खुशियां मनाती हूं
पल भर में लाखों दुआएं लुटाती हूं
ये सुनकर वो बोले कि मां हो तो ऐसे ही होगे
मैंने कहा जनाब अध्यापिका हूं उसकी
आप नही समझोगे....
