सब धन जमा करते हैं सब धन मण करते हैं कोई दिख न रहा ऐसा,जिसे न चाहे कोई पैसा ! सब धन जमा करते हैं सब धन मण करते हैं कोई दिख न रहा ऐसा,जिसे न चाहे कोई पैसा !
हम मन मे क्रोध लिए बैठे रहे। बस कलम चला कर चुप बैठे रहे। हम मन मे क्रोध लिए बैठे रहे। बस कलम चला कर चुप बैठे रहे।