STORYMIRROR

Pinky Dubey

Inspirational Others

2  

Pinky Dubey

Inspirational Others

इंसान घर बेटे सोच राहा

इंसान घर बेटे सोच राहा

1 min
161

इंसान घर बेटे सोच रहा की जिंदगी कहा ले जाएगी

कोरोना का प्रभाव बढ रहा

लोगो की उम्मीद टूट रही

कुछ समझ नही आ रहा

कहता है इंसान अपने आप से

क्युं मैं घबराऊँ

क्युं मैं डरु

क्युं मैं रुकूँ

क्युं मैं न लडूँ

इस कोरोना से

क्युं मैं कोरोना को जीतने दूँ

कुछ कर दिखाना है

अब कोरोना को भगाना है

एक नया कदम उठाना है

और एक नए भारत और एक नए जीवन को अपनाना है

और भारत को स्वदेशी बन आत्मनिर्भर बनाना है


Rate this content
Log in

Similar english poem from Inspirational