I am Jyoti Bujethiya and am pursuing B Tech from NIT Allahabad. I love to quote my imagination into words and so I landed here!
तू कल-कल करता पानी है, तू धरा की सिमटी माटी है, तू ही माथे की लाली है, तू कल-कल करता पानी है, तू धरा की सिमटी माटी है, तू ही माथे की लाली है,
जहाँ मिल ना पाए कोई अपना और इस पल को भी हम लुभा नहीं पाए। जहाँ मिल ना पाए कोई अपना और इस पल को भी हम लुभा नहीं पाए।
याद है तुम्हें? सिर्फ चॉकलेट खाने के लिए राखी बंधवाया करते थे। याद है तुम्हें? सिर्फ चॉकलेट खाने के लिए राखी बंधवाया करते थे।