I am my own virtue, I am my own Vise.
झरोखों से गुज़रते हुए लम्हों को निरखता, कितने ही सपनों को बुनता। झरोखों से गुज़रते हुए लम्हों को निरखता, कितने ही सपनों को बुनता।
तेरी अगन एक रोग है प्रीतम पर भय बिरह का मन भटकाए। तेरी अगन एक रोग है प्रीतम पर भय बिरह का मन भटकाए।
आषाढ़ मेरे मन की महफ़िल, हुआ यहाँ ना नृत्य न सावन की बूँदें झलकीं। आषाढ़ मेरे मन की महफ़िल, हुआ यहाँ ना नृत्य न सावन की बूँदें झलकीं।
वो सजग है और एकल भी, अथक, पृथक और विकल भी। वो सजग है और एकल भी, अथक, पृथक और विकल भी।
रंगोली गुजिया और भांग सजाकर बैठे सभी झरोखों के पास रंगोली गुजिया और भांग सजाकर बैठे सभी झरोखों के पास
वो गीत नहीं मेरी सांसें हैं संभालना कहीं खो न जायें। वो गीत नहीं मेरी सांसें हैं संभालना कहीं खो न जायें।
जहां कोई रुत रिवाज़ नहीं मर भी गए तो मिलेंगे वहीं। जहां कोई रुत रिवाज़ नहीं मर भी गए तो मिलेंगे वहीं।
रामदुलारी भय से भी नहीं डरती रामदुलारी के हाथ में लहू है रामदुलारी भय से भी नहीं डरती रामदुलारी के हाथ में लहू है
और तुलसी की करुणा ही है की वो इन्हें खुद से अलग कर देती है और तुलसी की करुणा ही है की वो इन्हें खुद से अलग कर देती है
बचपन से सीखा धरोहर से योग प्रतिष्ठा कुटुंब की असली धन बचपन से सीखा धरोहर से योग प्रतिष्ठा कुटुंब की असली धन