गजवंदना
गजवंदना
1 min
52
प्रथम नमन
करू गणराया
जय गणराया
लेखकर्ता।।
ओम नमो नमः
पार्वती नंदना
मम दया घना
लंबोदरा।।
सर्व गुण पती
चौदा विद्या मनी
असे सर्व ज्ञानी
विघ्नहरा।।
बुद्धिचा नायक
श्री गणनायका
श्री वरदायका
बोधरूपा।।
गणाधीश ईश
सुखांचे आगर
करतो जागर
आत्मरूपा।।
करतो काव्य हे
आश्रय घेतला
छंद हा मजला
ज्ञानरूपा।।
आशीर्वाद द्यावे
मम बालकाला
स्पर्श चरणाला
विद्याधरा।।
