हैं निगाहें ज़माने की तन पर गड़ीऔर मेरी नज़र 'श्यामघन' पर अड़ी ।लोग कहने लगे बावरी हो गयीकल्पना... हैं निगाहें ज़माने की तन पर गड़ीऔर मेरी नज़र 'श्यामघन' पर अड़ी ।लोग कहने लगे ...