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Jyoti Nehwal

Others

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Jyoti Nehwal

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सुहागरात में पत्नी प्रेगनेंट

सुहागरात में पत्नी प्रेगनेंट

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शादी की पहली रात में ही चार महिने कि प्रेगनेंट, ये कैसे हो सकता है डॉक्टर साहब,, "शादी के दूसरे दिन ही मेरा जमाई राज अपने किसी काम से लंडन चला गया, उसको तो इन सब के बारे में कुछ भी नहीं पता। पता नहीं कहा मुंह काला करा कर आई है, ये कहानी एक अमीर व्यापारी की बेटी का है कि वो शादी के दिन कैसे प्रेग्नेंट हुईं।हेलो दोस्तो मेरा नाम श्रेया है , 


मै दिल्ली में रहती हूं, ये बात मेरे कॉलेज के दिनों की है जब मैं और मेरे दोस्त कुल्लू मनाली घूमने गए थे, हमने वहा खूब मस्ती करी, और कुछ दिन घूमने के बाद अपने घर वापस लौट आए, घर आते ही खबर मिली कि मेरे पिता जी ने मेरा रिश्ता दिल्ली के एक अमीर व्यापारी दिलराज ठाकुर के बेटे से तय कर दी। मै पहले से ही एक गोलू मोलू टाइप की लड़की थी, जब  मुझे देखने के लिए लड़के वाले आए, तो उन्होंने मुझे अपने घर की बहू बनाने का फैसला कर लिया था, लड़के ने मुझे अभी देखा नही था, लेकीन फिर भी पता नहीं क्यों उन्होंने रिश्ते के लिए हा कर दिया। ठिक दो महीने बाद मेरी शादी राज से हो गई, शादी की रात राज घर से बाहर था पता नहीं कहा गया था, और अगले ही दिन राज ने अपने कुछ जरूरी काम से लंडन जानें का फैसला किया और वो चला गया। फिर मै घर में अकेली ही रह गई, धीरे धीरे समय बीतता गया और एक महिना भी बीत गया, मै पहले से ज्यादा मोटी हो चुकी थी। मै कुछ दिनों के लिए अपने मायके चली गई थी एक दिन मुझे अचानक से चक्कर आए और मै धड़ाम से नीचे गिर गई, मेरे पिता जी ने डॉक्टर को घर बुला लिया और मेरा चेकअप कराया, डॉक्टर ने चेकअप किया और  जो बताया उसे सुनकर जैसे मेरे होश ही उड़ गए मेरे पैरो तले जमीन खिसक गई, डॉक्टर ने कहा कि मिस्टर ठकराल एक गुड न्यूज़ है आपकी बेटी प्रेग्नेंट है, मेरे पिता जी ने सोचा कि मेरा दामाद तो शादी के अगले दिन ही चले गया था, तो फिर ये सब कैसे, फिर मेरे पिता जी ने मुझसे पूछा कि बेटा तुम पहले भी दामाद जी से मिलती थी क्या, मैने बोला नही पिता जी मैने तो उनको कभी पहले देखा तक नहीं था, मेरे पिता जी गुस्से में लाल हो गए, और मेरे मूंह में थप्पड़ जड़ दिया। मै रोती रोती अपने कमरे में चली गईं। क्योंकि मुझे खुद ही नही पता था, की मेरे साथ ये सब कैसे हो गया। मेरी शादी को अभी सिर्फ दो महीने ही हुए थे, और मैं चार महिने की प्रेग्नेंट थी, कुछ दिनों बाद में अपने ससुराल वापस चली गई, और  वहा देखा तो मेरा पति गर्व वहा पहले से ही मौजूद था, मै उसके पास गई हालचाल पूछने लगी, उसने मुझे जोर से चिलाते हुए कहा दूर हो जाओ मेरी नजरो से मैं तुम्हे देखना नही चाहता, तुम जैसी मोटी लड़की मेरी बीवी नही हो सकती। अरे तुम जैसी लड़कियां तो मेरे पीछे पीछे घूमती है, मैने गर्व की की सारी बाते सुनी खूब रोई, करती भी तो क्या, मैं तो ये सोच रही हूं कि जब गर्व को मेरी प्रेगनेंसी का पता चलेगा तो वह मुझे धक्के मारके घर से बाहर निकल देगा, प्रेगनेंसी की वजह से मुझे काफी मुस्किले होने लगी। जैसे चक्कर आना उल्टी आना पता नहीं क्या क्या हो रहा था मेरे साथ, एक दिन गर्व को पता नहीं कहा से मेरी प्रेगनेंसी का पता चल गया, उसने मेरे साथ बहुत झगड़ा किया और मुझे घर से निकाल दिया, मै मेरे पिता जी के घर गई, जो मेरे साथ हुआ सब बताया लेकिन मेरे पिता जी ने भी मुझे घर से निकाल दिया, मै रोती रही किसी को भी मुझे देखकर दया नही आई। फिर मै मेरा बैग पैक कर मेरी सहेली के घर चली गई, वहा मैं एक जॉब करने लगी, घर वालो से दूर सारी टेंशन से दूर अब मैं अपने बच्चे के बारे में सोचने लगी, समय बीतता गया और मुझे नौ महीने पुरे हो गए, और  फिर मैने एक प्यारी सी नन्ही सी बेटी को जन्म दिया, वो बिल्कुल दिखने में मेरे जैसी थी समय चलता रहा और मेरी बेटी भी बड़ी होती गई, आज वो पुरे पांच साल की है एक दिन मुझे मेरे पिता जी का कॉल आया उन्होंने बोला नाराजगी जताते हुए की , श्रेया जल्दी से जल्दी इंडिया आओ, गर्व ने डाइवोर्स फाइल किया है इतना कहते ही फोन काट दिया, मुझे वो पुराना समय फिर याद आया , आगे क्या हुआ श्रेया के साथ जानने के लिए पार्ट टू जरूर पढ़ें।


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