Ashutosh Kumar

Children Stories


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Ashutosh Kumar

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प्यास

प्यास

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एक छोटी सी चिड़िया और एक लड़की थी दोनों ही बहुत सुन्दर और मनमोहिनी ,चिड़िया इतनी सुन्दर कि मैं शब्दों में उसको समेट नहीं सकता l

चिड़िया का कद इतना छोटा की अगर मुट्ठी बंद करो तो उसमें समा जाये ,दुनिया के सारे रंग उसके पंखो में भरे थे ,चंचल इतनी की आसमान में चमकने वाली चपला भी शर्मा जाये ,आंखे छोटी थी परन्तु लड़की का प्रतिबिम्ब उसकी उसकी आँखों में साफ़ दिखता था ,समझदार इतनी की बिना कुछ सुने भी मन के सारे भाव पढ़ लेती थी ,आवाज अच्छी नहीं थी फिर भी कोई राग गाती थी तो लड़की का नाम लेके ही गाती थी ,हौसला इतना बड़ा की सारा आकाश उस लड़की की झोली में डालना चाहती थी ,बहुत ऊँची तो नहीं उड़ पाती थी पर लड़की के ख्वाबों जितनी ऊँची उड़ जाती थी ,और ख्वाइशों के फूल तोड़ के उसकी झोली में डाल देती थी .....

       चिड़िया ने लड़की से कहा मुझसे दोस्ती करोगी ,हालाँकि हमारा आपका कोई मेल नहीं है ,जिस दिन आपको हमारी दोस्ती भद्दी लगे आप बता देना मैं उड़ के कहीं और चली जाउंगी ,हम कभी एक दूसरे का विश्वाश नहीं तोड़ेंगे ,आप जैसी भी हो मुझे बहुत पसंद हो, मुझसे दोस्ती करोगी ??

लड़की ने छोटी सी चिड़िया के सिर पे हाथ फेर के कहा मुझे भी तुम बहुत पसंद हो ,आज से हमारी दोस्ती पक्की 

चिड़िया बहुत शरारती थी लड़की से पहले उठ जाती थी उसके बालों में लटक लटक के लड़की को जगाती थी ,लड़की भी अपनी आंखे खोलने के बाद अपनी दोनों हथेली मिलाकर चिड़िया को उसमें बिठाकर उसका दीदार करती थी उसे प्यार करती थी , चिड़िया भी खुश हो जाती थी पलक झपकते तेज़ी से उसके सिर के आस पास दो चक्कर लगाकर फिर से बैठ जाती थी ,मानों वो लड़की की नज़र उतारती हो कि "सारा दिन आपको और अपने रिश्ते को किसी की नज़र न लगे " उसके दोनों कंधो पे बैठ के प्यार से अपनी चोंच से कट्टी कर लेती थी और प्रार्थना करती थी कि "ये कंधे अपनी और समाज ज़िम्मेदारी लेने में कभी कमज़ोर न पड़े ",लड़की भी प्यार से बोलती अच्छा मेरी दादी अब उठे ? चिड़िया फुर्र से उड़ जाती थी ..........

दिन बीतने लगे ,चिड़िया को ये यकीन हो गया था की लड़की अगर सबसे खुश होती है तो वो तब , जब वो उसके साथ खेलती है ,बाते करती है ,उसे तंग करती है ,चिड़िया लड़की की ख़ुशी के लिए उसके इशारों पे नाचती रहती थी ,

एक रोज लड़की ने चिड़िया को अपनी बांह पे बिठाया प्यार किया उसे लगा की चिड़िया प्यासी है उसने अपनी हथेली को मोडकर उसमें बने  गड्ढे(अंजुली) में पानी भरा, सच से अन्जान चिड़िया ख़ुशी से फुदक के हाथ के अंगूठे पे जा बैठी और सारा पानी पी लिया ,चिड़िया पानी पीकर ख़ुशी से उसके सिर के चारो ओर चककर लगाकर अपना प्यार जताना चाहती थी, वो जैसे ही उडी उड़ नहीं पायी और नीचे ज़मीन पे गिरगयी ,चिड़िया अपनी आखिरी चेतना तक उस लड़की के चेहरे को देखती रही और .......हाँ दोस्तों चिड़िया मर चुकी थी उसे नहीं पता था की लड़की ने पानी में ज़हर मिला दिया है l........

                      


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