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Pramod Bhandari

Children Stories Inspirational Children

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Pramod Bhandari

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प्रतीक्षा

प्रतीक्षा

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"दादी, आपके ज़माने में सबसे बड़ी परेशानी क्या थी?" अंश ने मोबाइल से नज़र हटाए बिना पूछा।


दादी ने ऊन समेटते हुए कहा, "प्रतीक्षा।"


"किस बात की?"


"चिट्ठी की... फसल की... बारिश की... और अपने लोगों के लौट आने की।"


अंश मुस्करा दिया, "हमारे पास तो किसी चीज़ का इंतज़ार करने का समय ही नहीं है।"


दादी ने उसकी ओर देखा, कुछ बोली नहीं।


उसी क्षण मोबाइल की स्क्रीन अटक गई।


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अंश बार-बार स्क्रीन पर उँगली फेरने लगा। झुँझलाहट उसके चेहरे पर उतर आई।


दादी उठीं। आँगन में वर्षों पहले लगाया गया आम का पेड़ इस बार पहली बार फलों से झुक आया था।


उन्होंने एक पका आम तोड़ा, अंश की हथेली पर रखा और मुस्कराकर बोलीं—


"बेटा, जीवन की सबसे मीठी चीज़ें उगाई जाती हैं, डाउनलोड नहीं की जातीं।"


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