STORYMIRROR

arshan aile

Children Stories Fantasy Others

3.8  

arshan aile

Children Stories Fantasy Others

नानाजी की लोहे को सोना बना देने वाली अनमोल चीज़ कीमिया

नानाजी की लोहे को सोना बना देने वाली अनमोल चीज़ कीमिया

2 mins
20

किश्मत का लिखा हुआ ! आज से लगभग 130 साल पहले की बात है इटावा मैं नानाजी हर रोज़ सुबह 4 बजे आउट इलाके की एक दरगाह पर प्रतिदिन जाया करते थे और रोज़ आजान देकर नमाज़ पढ़ा करते थे और अचानक उनको एक दिन एक अनमोल चीज़ मिली जो की उनकी इस महनत की फकरी थी और फकीरी मैं उनको कीमिया नाम की एक घास फूस के जैसे दिखने वाली चीज़ा मिली जो बहुत अनमोल चीज़ थी जो की एक ऐसी कीमिया नाम की अनमोल चीज़ थी की अगर उस कीमिया नाम की चीज़ को लोहे पर गिस दिया जाये तो लोहा सोने मैं बदल जाये इस बात का पता चलने पर नानाजी बहुत ज्यादा खुश हुए फिर नानाजी उस कीमिया नाम की अनमोल चीज़ को अपने घर ले आये और अपने कमरे मैं रख दिया और उसके वारे मैं किसी को नहीं बताया की कैसे उनको उनकी इस हर रोज़ सुबह 4 बजे उठकर आउट इलाके की दरगाह पर जाना और आजान देकर नमाज अदा करने और प्रतिदिन हाजरी देने की इस महनत का फल पेश कीमती अनमोल मिमिया नाम की चीज़ मिली है नानाजी अनमोल कीमिया ले तो आये लेकिन उसे अपने कमरे मैं ऐसे ही रख दिया लेकिन जब नानाजी घर पर नहीं थे तब उनके घर की किसी लेडिस ने उनके कमरे की सफाई करने के दौरान उस घास फूस की तरह दिखने वाली अनमोल कीमिया को घास फूस समज कर साफ कर दिया मतलब कुढ़े मैं फैक दिया जब नानाजी घर वापस आये तो पेश कीमती अनमोल कीमिया को ना पाया तब घर वालो से पूछने पर उनको पता चला की उस गास फूस की तरह दिखने वाली अनमोल कीमिया को उनके घर की किसी लेडिस से गास फूस समज कर फैक दिया तब नानाजी तंग रह गए और घर वालो को बताया की वह गास फूस की तरह दिखने वाली चीज़ गास फूस नहीं बल्कि पेश कीमती अनमोल कीमिया नाम चीज़ है जो घास फूस की तरह दिखती है लेकिन अगर उसे लोहे पर गिस दिया जाये तो लोहे की कोई भी चीज़ सोने मैं बदल जाती है यह सुन कर सारे घर वाले हैरान रह गए लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था क्यूंकि अब कूढा उठ कर जा चूका था

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की जो किश्मत मैं नहीं लिखा होता वो घर के अन्दर से भी चला जाता है लेकिन अगर जो किश्मत मैं लिखा होता है वो हर गिज़ हर हाल मैं मिलता है !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन