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उखाड़ते
प्रकृति
चंद्र
जब-जब
अधर्म पराजित
धर्म का साथ
सुखदायक है
दो-दो हाथ
वोक्याकरेगाप्यारभगवानसे
अविरामयुद्ध
मनकेहारेहारहैमनकेजीतेजीतअपनेमनकोखुशरखिएसदैवसफलताहासिलकिजीए
शांति का मूल
शांति -धर्म
धर्म का सम्मान
लुप्त
अधर्म का गहन तम
सज्जनता
धर्म और अधर्म
पाकरतुम्हारेप्यारकासागरतनभूलीअपनामनभूली।सुधियोंकाअपनापनभूली
Hindi
अधर्म
Quotes
किसी पूजा हवन के बाद धर्म की जय हो ,अधर्म की नाश हो कहने से ...
धर्म और अधर्म में सिर्फ एक ही अन्तर है धर्म में आदमी समाज सु ...
अधर्म के विरुद्ध सदा धर्म की, आदिकाल से होती रही लड़ाई। सदा ...
नभ पे चंद्र सोहते ऐसे अधर पे खेले ज्यों मुस्कान
आदत बुरी बला है I अच्छी आदत डालें I gopal Dansena
अधर्म केवल फलप्रदान के अवसर की प्रतीक्षा करता रहता है, वह कर ...
अशांति-अधर्म छोड़ सब, करते शांति धर्म का चुनाव। दया सज्जनता ...
यश-अपयश की करें न चिंता, हम सदा करते रहें शुभ कर्म। अधर्म पी ...
अधर्म का गहन तम होता लुप्त, स्थापित होते हैं सदा ही संस्कार। ...
अधर्म का गहन तम होता लुप्त, स्थापित होते हैं सदा ही संस्कार। ...
विरोध अधर्म का करें हम सदा, और दें हम सदा धर्म का साथ। सदा प ...
क्षमा शांति का मूल है, ज्यों दया है मूल धर्म का। पर केवल पात ...
शुक्रवार: जब-जब धर्म की हानि होती है, जब अधर्म का उत्थान है ...
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