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धर्म
प्रकृति
सुखदायक है
जब-जब
धर्म की
दशहरा-दुर्गा पूजा
आदत
नेक बनेंगे
मनकेहारेहारहैमनकेजीतेजीतअपनेमनकोखुशरखिएसदैवसफलताहासिलकिजीए
विरोध अधर्म का
शांति का नाश
धर्म अधर्म
दयालु भाव
धर्म और अधर्म
मैं हीं संकटहरण कर्ता हूं
आपकेपदयापढाईसेआँककरआपकेसम्मानकोढेंसपोहचाताहै
आसुरी शक्तियां
अधर्म का गहन तम
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अधर्म
Quotes
किसी पूजा हवन के बाद धर्म की जय हो ,अधर्म की नाश हो कहने से ...
धर्म और अधर्म में सिर्फ एक ही अन्तर है धर्म में आदमी समाज सु ...
अधर्म के विरुद्ध सदा धर्म की, आदिकाल से होती रही लड़ाई। सदा ...
नभ पे चंद्र सोहते ऐसे अधर पे खेले ज्यों मुस्कान
आदत बुरी बला है I अच्छी आदत डालें I gopal Dansena
अधर्म केवल फलप्रदान के अवसर की प्रतीक्षा करता रहता है, वह कर ...
अशांति-अधर्म छोड़ सब, करते शांति धर्म का चुनाव। दया सज्जनता ...
यश-अपयश की करें न चिंता, हम सदा करते रहें शुभ कर्म। अधर्म पी ...
अधर्म का गहन तम होता लुप्त, स्थापित होते हैं सदा ही संस्कार। ...
अधर्म का गहन तम होता लुप्त, स्थापित होते हैं सदा ही संस्कार। ...
विरोध अधर्म का करें हम सदा, और दें हम सदा धर्म का साथ। सदा प ...
क्षमा शांति का मूल है, ज्यों दया है मूल धर्म का। पर केवल पात ...
शुक्रवार: जब-जब धर्म की हानि होती है, जब अधर्म का उत्थान है ...
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