STORYMIRROR

ज़रा एहतियात...

ज़रा एहतियात बरतें जबां से अल्फ़ाज़ों की रिहाई में कि खुल नहीं सकती एक बार कसी हुई गिरह धागों से ✍️Monika_kakodia

By monika kakodia
 139