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यूँ मुड़...

यूँ मुड़ कर देख लो इन आँखों के इस पार, क्या पता, तुम्हें इन आँखों के चमक के पीछे छिपी बरसों किए इंतज़ार का पैमाना मिल जाये,

By Rakshita Haripushpa
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