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यह बड़ी विचित्र...
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यह बड़ी...
“
यह बड़ी विचित्र बात होती है कि जिन अच्छाइयों का अपने में न होने पर हम स्वयं को अच्छा एवं सामान्य मानते हैं, उन्हीं अच्छाइयों को दूसरों में नहीं देख/अनुभव कर उन्हें बुरा/असामान्य बताते हैं rcmj
”
By
Rajesh Chandrani Madanlal Jain
113
विचित्र बात
अंधकारकोक्योंधिक्कारेअच्छाहैएकदीपजलाये।कर्मोंकीअद्भुतज्योतिसेअपनाजीवनपथचमकाये।
बुरा
सामान्य आंखों
असामान्य
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hindi quote
from
Rajesh Chandrani Madanlal Jain
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