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उसको तो...

उसको तो मालूम नहीं था ..मैं भी तो अनजाना था। बस जो दर्द उसे होता था .. मेरा जाना जाना था। मैं संघर्षों का राही ...जन्मा तब से ही हूँ यारों , इसीलिए हर संघर्षी को ...मैंने अपना माना था। _घनश्याम शर्मा

By Ghanshyam Sharma
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