STORYMIRROR

ठोकर लगी,...

ठोकर लगी, मैंने उठना सीख लिया। दर्द हुआ, मैंने मुस्कुराना सीख लिया। लोग दगा देने लगे, मैंने मुह-मोड़ना सीख लिया। दुनिया की भीड़ में हारते हारते, मैंने जीतना सीख लिया।

By Mahabir Barik
 161