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रख गीता-...

रख गीता- क़ुरान को एकसाथ फिर इंसानियत की इबादत करूँ, नफ़रत की बेड़ियों को तोड़ कर यहाँ प्यार और साथ के रंग में खुद को रंग लूँ।

By Pritika Tripathi
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