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पृथ्वी
नौ माह गर्भ में रह मॉं के , कुछ समय गोद में रहते हैं,
आजीवन रहकर मातृभक्त,हम ऋणी सदा ही रहते हैं।
जीवन के हर क्षण जो गोद मिली,ऐसी मॉं का तो कहना क्या?
"पृथ्वी दिवस"पर हम याद रखें,"माता भूमि: पुत्रो अहं पृथिव्या"।
(गायत्री धन पति सिंह कुशवाहा)
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