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निज मन में...
“
निज मन में हमें सदा रहे हर पल ही अहसास, इस जग में आगमन का कुछ उद्देश्य है खास। स्वार्थ त्याग परहित में रहें अनवरत ही रत हम, अडिग रह सत्पथ पर अथक करते रहें प्रयास। @ गायत्री डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
30
अहसास
परहित
अडिग रह सत्पथ पर
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Dhan Pati Singh Kushwaha
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