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नित नियम से...

नित नियम से देखो जैसे अरुणोदय हो जाता है और फिर पूरी ज़िम्मेदारी से शाम तले ढल जाता है ऐसे ही जग में प्यारे तुम भी अपना काल करो दीन दुखियों की सेवा कर मुश्किल सबकी आसान करो

By मधुशिल्पी Shilpi Saxena
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