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मजबूरियां...

मजबूरियां है मगर तू लड़ उड़ान भरनी लंबी है सबको पता लगने दे कि क्यों है तू सबसे अलग जीत के भी जश्न न मना विशवास दिला की इतनी बुराईयों के बाद भी इंसानियत है सदा।

By Ishank Singh
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