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क्या हार...

क्या हार में, क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं कर्तव्य पथ पर जो भी मिला यह भी सही, वो भी सही वरदान नहीं मांगूंगा हो कुछ पर हार नहीं मानूंगा

By Akash Vishwakarma
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