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कर्मचरियों...

कर्मचरियों को जितनी तड़प अपने वेतन के लिए होती हैं अगर उतनी तड़प अपने कर्ततव्य पालन लिए हो तो राष्ट्र को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता, समझ लो हो गई मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवद भक्ति।।

By Harisingh Meena
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