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खुद की...

खुद की ख्वाहिश की परवाह नहीं करती है माँ बच्चों की खुशी के लिए सबकुछ त्यागती है माँ बच्चों का कल हो बेहतर इसलिए अपना आज और सर्वस्व समर्पित करती है माँ।

By कुमार संदीप
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