STORYMIRROR

जिस सेवा से...

जिस सेवा से नम्रता आए, देने का भाव आए तथा शीतलता आए, वह ही सच्ची सेवा है और वही क़बूल की जाती है.....! अहंकार से की हुई सेवा सब परमार्थी भाव जलाकर राख कर देती है......! सबसे बड़ा घाटे का सौदा बन कर रह जाती है वो सेवा....! सेवा तो हम खुद के स्वार्थ के लिए करते हैं, खुद के लिए किए किसी काम का अहंकार कैसा.....? याद रहे- सेवा तो बस निष्काम करें...!

By Hargovind Wadhwani
 2776


More hindi quote from Hargovind Wadhwani
30 Likes   0 Comments
3 Likes   0 Comments
23 Likes   1 Comments
34 Likes   0 Comments
25 Likes   0 Comments