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जिंदगी...

जिंदगी कहाँ से शुरू ,और कहाँ पे ख़त्म होती हे ? बचपन से बुढ़ापे तक चलते चलते यूंही सारी उम्र तमाम होती हे !! हरसुख रायवडेरा

By HARSUKH RAIVADERA રાયવડેરા "હસુ"
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