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जीवन का कटु सत्य----
जो सबसे ज्यादा खास बनता है ,
धोखा भी उसी से मिलता है।
विश्वास एक ही बार टूटता है,
बार-बार नहीं ।
जो सबसे ज्यादा दर्द दे ,
उसे छोड़ दो।
मेरे हिस्से का जितना चाहो ,
उसे उतना खिलाओ,
बस उसे पचाना आना चाहिए।
(मौलिक रचना)
चेतना सिंह 'चितेरी', (जौनपुर/ प्रयागराज)
३०/०५/२०२६, ५:१७ अपराह्न
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