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हमारी...

हमारी मोहब्बत ख़ुदा को कुबूल है मोहब्बत में मिलें दर्द हमें कुबूल है मोहब्बत में फ़ना होना हमें कुबूल है किसी के नज़र में अगर ये गुनाह है तो हमें ये गुनाह कुबूल है।

By Pujashree Mohapatra
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