STORYMIRROR

ज़िंदगी तो...

ज़िंदगी तो राख है बस ऊपर-ऊपर आग है, दूसरों पर टिकती हैं जाके आँखें लेकिन यहाँ हर एक दामन पर दाग है..।। -#अन्विता की कलम

By Anwita Kumari Pathak
 183