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एक वक़्त था,...

एक वक़्त था, जब उसके बातों से हीं रात होती थी, पर अब रात तो हो जाती है, पर बात नहीं होती I दोस्त नहीं तू ज़िन्दगी थी मेरी ....

By Deepak Kumar Shayarsir
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