STORYMIRROR

एक रहम कर...

“ एक रहम कर ए-ख़ुदा मुझ पर, मुझे तालीम-ए-किरदार अता कर दे... बेघर परिंदा हूं मैं अपने कदमों में घर अता कर दे, अपना एक कतरा तू मुझ में शामिल कर ए ख़ुदा... कब्र को अपनी रोशन करूं ऐसी जिंदगी अता कर दे। ”

By Pankhuri Gupta
 306