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“ भोजन करे प्रफुल्लित अपने मन को, रखे स्वस्थ और पुष्ट हमारे तन। हो जो हितैषी हर जीवन को, हो सात्त्विक अपना भोजन। गायत्री धन पति सिंह कुशवाहा ”

By Dhan Pati Singh Kushwaha
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