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आँधियां आऐं...

आँधियां आऐं हजारों इक कदम न तू भटक हो निडर निश्छल निकट रख हौसला संसार में बन न पाया तू गर दिन में दिनकर तो जुगनू बन चमक अंधकार में..... दिनेश सेन "शुभ"

By Dinesh Sen
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