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|| आजादी...

|| आजादी || 🤘 लफ़्ज़ों में नहीं कहना अब ऐसे की, ऐ जिंदगी चल और मुझे आबाद कर दे ! हार-हार कर थक गया हूं लगता है ऐसे की, उड़ना सीख ले और खुद को आजाद कर दे।

By Shubham Patidar
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