कौन सा पौरूष, कैसा दमखम जो मुझको भीतर ही खा जाए मैं एक जानवर को भगवान मान लूं कौन सा पौरूष, कैसा दमखम जो मुझको भीतर ही खा जाए मैं एक जानवर को भगवान मान ...