वर्षा आई
वर्षा आई
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वर्षा आई वर्षा आयी,
खुशियों की सौगात है लाई।
किसानों के चेहरे पर मुस्कान है लाई,
बच्चों ने है कागज़ की नाव बनाई।
घनघोर बादल है आसमान में काले,
जैसे कि हो किसी नारी के बाल घुंघराले।
गीले होते टीले, गीले होते पहाड़,
गरजते ऐसे जैसे शेर रहा हो दहाड़।
