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Anushka jha

Others

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Anushka jha

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वो भी क्या दिन थे....!!

वो भी क्या दिन थे....!!

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मम्मी की गोद और पापा के कंधे

ना पैसे की सोच और

ना ही लाइफ के फंडे,

ना कल की चिंता और

ना ही फ्यूचर के सपने,

लेकिन अब कल की है फिक्र

और अधूरे हैं सपने,

पीछे मुड़ के देखा तो

बहुत दूर थे वो अपने,

मंजिलों को ढूंढते - ढूंढते कहां खो गए हम

क्या सच में इतने बड़े हो गए हम।

बचपन की यादें होती है अनमोल

कोई ना आंख सकता उसका मोल ।।


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