वो भी क्या दिन थे....!!
वो भी क्या दिन थे....!!
1 min
881
मम्मी की गोद और पापा के कंधे
ना पैसे की सोच और
ना ही लाइफ के फंडे,
ना कल की चिंता और
ना ही फ्यूचर के सपने,
लेकिन अब कल की है फिक्र
और अधूरे हैं सपने,
पीछे मुड़ के देखा तो
बहुत दूर थे वो अपने,
मंजिलों को ढूंढते - ढूंढते कहां खो गए हम
क्या सच में इतने बड़े हो गए हम।
बचपन की यादें होती है अनमोल
कोई ना आंख सकता उसका मोल ।।
