STORYMIRROR

Vaishali Chandegra

Others

2  

Vaishali Chandegra

Others

विश

विश

1 min
106

इस आग में जला के इस

'विश' को राख कर दे

बुझा के मेरी आग चाहे

मुझे तू खाक कर दे


हर जगह इस 'विश' को

चाहे अंजान कर दे

हर पल आंधी में बदल कर

'विश' को बर्बाद कर दे

इरादे वहीं रख बंदे और

अच्छे से 'विश' को

हलाल कर दे


तब ख़ुदा भी तेरी दरखास्त

सुनेगा मेरे मौत की

पर पहले अपना एक कर्म

तो तू इस 'विश' से अधिक

महान कर दे



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Vaishali Chandegra

विश

विश

1 min पढ़ें