विश
विश
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इस आग में जला के इस
'विश' को राख कर दे
बुझा के मेरी आग चाहे
मुझे तू खाक कर दे
हर जगह इस 'विश' को
चाहे अंजान कर दे
हर पल आंधी में बदल कर
'विश' को बर्बाद कर दे
इरादे वहीं रख बंदे और
अच्छे से 'विश' को
हलाल कर दे
तब ख़ुदा भी तेरी दरखास्त
सुनेगा मेरे मौत की
पर पहले अपना एक कर्म
तो तू इस 'विश' से अधिक
महान कर दे
