STORYMIRROR

Nirmal Gupta

Others

4  

Nirmal Gupta

Others

उसे पता है

उसे पता है

1 min
285

आख़िरकार उसे मिल गया

ईंटों के चट्टे के बगल में

एक ठंडी छाया का रहम

दिल टुकड़ा

अब वह इत्मीनान से बैठ

कपड़े में बंधी रोटियाँ निकालेगी

खोलेगी भूख का जादुई पोटली


वह अरसे से भूखी है

मग्न हो कर हर कौर को चबायेगी

साथ ही साथ डालती जायेगी

रोटी के सख़्त किनारे

कौओं की ओर

उसे अच्छी तरह मालूम है

कि खाली पेट किस कदर दुखता है


रोटी खाने के बाद

वह जायेगी हैंडपंप के पास

ठंडे पानी की तलाश में

अंजुरी भर भर पानी पिएगी

और लौटेगी वहां से दोनों

हथेलियों में

बड़े जतन से पानी लिए


वह डाल देगी उसे

ईंटों के चट्टे के पास लगे

तेज धूप से मुरझाये

पौधे की जड़ में

और फिर पोंछेगी पत्तियों को

अपने गीले हाथों से हौले हौले


पेट भर जाने के बाद भी

उसे याद है सभी की भूख प्यास

भरपेट अघाये हुए लोगों की तरह उसे

किसी को भूल जाना नहीं आता ...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन