STORYMIRROR

Neha Mattani

Others

3  

Neha Mattani

Others

तन्हाई

तन्हाई

1 min
427

तन्हाई में रोने की आदत मुझे भी है

ज़िन्दगी से कुछ शिकायत मुझे भी है

क्योंकि जनाब इस कदर तोड़ा हमें इस ज़माने ने

हमारा दिल भी रखा रहा तहखाने में

इस ज़माने में अजनबी तो अजनबी है

अजनबियों से हमें गिला क्या

पर अपने तो अपने है लेकिन,

अपनों से हमें मिला क्या?!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन