STORYMIRROR

Shivani Dhek

Others

3  

Shivani Dhek

Others

तेरी याद आती है माँ

तेरी याद आती है माँ

1 min
375

अंधेरी इस दुनिया में एक

तू ही तो दीपक है माँ

भाई से ज्यादा प्यार मुझे

तुम करती हो है ना माँ

पर किस्मत अच्छी है

उसकी वह तुम्हारे पास है

और मैं यहां तुमसे दूर जिंदगी

की दौड़ में थक गई हूं माँ


आँसूओं की धारा अब रुकती

नहीं माँ

तेरी याद आती है माँ

ख़ुशियों में तो दुनिया सारी

दुख में तो बस तू ही है

मन करता है घर आ जाऊँ

छोड़ अधूरे सपने माँ

आज सिरहाना भीग गया है

तेरी यादों से माँ


लगे अच्छा यह जग कैसे

जब तू मेरे पास नहीं

धीरे-धीरे सीख रही हूं यहां

का रहना खाना मैं

पर जहां तेरे बिन जीना पड़े

नहीं रहना वहां

तेरी याद आती है


जब तुझ से लड़ती थी तब

कभी ना सोचा था

यू तुझे याद कर इधर-उधर

भटकूंगी माँ

तेरे हाथों का खाना जो कभी

ना भाता था

आज उस निवाले के लिए

तरस गई हूं माँ

जो तेरे लिए मरना पड़े तो

मर जाऊंगी माँ

पर तेरे बिना एक पल भी

जी ना पाऊंगी माँ

तेरी याद आती है माँ ....



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन