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Shivani Dhek

Others

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Shivani Dhek

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तेरी याद आती है माँ

तेरी याद आती है माँ

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अंधेरी इस दुनिया में एक

तू ही तो दीपक है माँ

भाई से ज्यादा प्यार मुझे

तुम करती हो है ना माँ

पर किस्मत अच्छी है

उसकी वह तुम्हारे पास है

और मैं यहां तुमसे दूर जिंदगी

की दौड़ में थक गई हूं माँ


आँसूओं की धारा अब रुकती

नहीं माँ

तेरी याद आती है माँ

ख़ुशियों में तो दुनिया सारी

दुख में तो बस तू ही है

मन करता है घर आ जाऊँ

छोड़ अधूरे सपने माँ

आज सिरहाना भीग गया है

तेरी यादों से माँ


लगे अच्छा यह जग कैसे

जब तू मेरे पास नहीं

धीरे-धीरे सीख रही हूं यहां

का रहना खाना मैं

पर जहां तेरे बिन जीना पड़े

नहीं रहना वहां

तेरी याद आती है


जब तुझ से लड़ती थी तब

कभी ना सोचा था

यू तुझे याद कर इधर-उधर

भटकूंगी माँ

तेरे हाथों का खाना जो कभी

ना भाता था

आज उस निवाले के लिए

तरस गई हूं माँ

जो तेरे लिए मरना पड़े तो

मर जाऊंगी माँ

पर तेरे बिना एक पल भी

जी ना पाऊंगी माँ

तेरी याद आती है माँ ....



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